भारतीय सिनेमा में देशभक्ति को अलग-अलग अंदाज में दिखाया गया है। इनमें युद्ध, स्वतंत्रता सेनानियों और देश के लिए दिए गए बलिदान पर बनी कई कहानियां शामिल हैं। लेकिन भारत को लेकर कुछ बेहतरीन फिल्मों ने देशभक्ति का एक शांत और अलग नजरिया भी पेश किया है। इन फिल्मों में यह सवाल उठाया गया है कि किसी देश से जुड़े होने का मतलब क्या है। इतिहास जब परिवारों को बांट देता है तो उसका असर क्या होता है। एक नागरिक की क्या जिम्मेदारी होती है और बिना किसी युद्ध के भी हिम्मत किस तरह दिखाई जा सकती है। इसलिए स्वतंत्रता दिवस उन फिल्मों को दोबारा देखने का अच्छा मौका है, जो देशभक्ति को सिर्फ नारों तक सीमित नहीं रखतीं, बल्कि भारत और भारतीय होने की भावना को अलग तरीके से सामने लाती हैं। 2026 में भी इस लिस्ट में कुछ खास फिल्में शामिल हैं। इस स्वतंत्रता दिवस पर देखने के लिए यहां 5 बेहतरीन फिल्में हैं, जिनमें नई रिलीज भी शामिल हैं।
1. इक्कीस
श्रीराम राघवन की ‘इक्कीस’ इस साल रिलीज हुई चर्चित देशभक्ति फिल्मों में शामिल है। जनवरी में आई यह फिल्म सेकंड लेफ्टिनेंट अरुण खेत्रपाल की कहानी पर आधारित है, जिन्हें 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध में उनकी बहादुरी के लिए परमवीर चक्र दिया गया था। फिल्म में अगस्त्य नंदा ने अरुण खेत्रपाल का किरदार निभाया है, जबकि धर्मेंद्र और जयदीप अहलावत भी अहम भूमिकाओं में नजर आते हैं। ‘इक्कीस’ की खास बात यह है कि फिल्म सिर्फ युद्ध और वीरता तक सीमित नहीं रहती। इसमें युद्ध का सैनिकों और उनके परिवारों पर पड़ने वाला भावनात्मक असर भी दिखाया गया है। यही वजह है कि फिल्म देशभक्ति के साथ इंसानी जज्बातों को भी सामने लाती है और 15 अगस्त पर इसे देखना खास अनुभव हो सकता है।
2. मैं वापस आऊंगा
इम्तियाज अली की ‘मैं वापस आऊंगा’ देशभक्ति की कहानी को एक अलग नजरिए से पेश करती है। दिलजीत दोसांझ, शरवरी, वेदांग रैना और नसीरुद्दीन शाह स्टारर यह फिल्म बंटवारे के बैकग्राउंड पर बनी है। कहानी बताती है कि देश के विभाजन का आम लोगों और परिवारों की जिंदगी पर क्या असर पड़ा। फिल्म में इतिहास के साथ प्यार, यादों और अपने घर से दूर होने का दर्द भी देखने को मिलता है। इस वजह से 15 अगस्त पर यह फिल्म खास मायने रखती है। यह सोचने पर मजबूर करती है कि उन लोगों के लिए आजादी का मतलब क्या था, जिन्होंने बंटवारे के दौरान अपना घर और अपनों को खो दिया।
3. रंग दे बसंती
रिलीज के 20 साल बाद भी ‘रंग दे बसंती’ देशभक्ति पर बनी सबसे यादगार फिल्मों में से एक है। राकेश ओमप्रकाश मेहरा की 2006 में आई इस फिल्म की कहानी कुछ ऐसे युवाओं की है, जिनकी राजनीति में खास दिलचस्पी नहीं होती। लेकिन आजादी के क्रांतिकारियों पर फिल्म बनाने के दौरान उनकी सोच और जिंदगी दोनों बदलने लगती हैं। फिल्म आजादी की पुरानी कहानियों को आज के युवाओं के सवालों से जोड़ती है। भ्रष्टाचार, जिम्मेदारी और देश के लिए कुछ करने की सोच इसे आज भी अहम बनाती है।
4. स्वदेस
आशुतोष गोवारिकर की ‘स्वदेस’ देशभक्ति की ऐसी कहानी है, जिसमें युद्ध का कोई सीन नहीं है। शाहरुख खान ने मोहन भार्गव का किरदार निभाया है, जो नासा में काम करने वाला एक एनआरआई है। भारत लौटने के बाद वह एक गांव की समस्याओं को करीब से समझता है और वहां बदलाव लाने की कोशिश करता है। फिल्म बताती है कि देश से प्यार सिर्फ बड़ी-बड़ी बातें करने से नहीं, बल्कि अपने देश और समाज के लिए कुछ करने से भी जाहिर होता है।
5. राजी
मेघना गुलजार की ‘राजी’ देशभक्ति को एक महिला जासूस की कहानी के जरिए दिखाती है। आलिया भट्ट ने सहमत का किरदार निभाया है, जो एक पाकिस्तानी परिवार में शादी करके भारत के लिए खुफिया जानकारी जुटाने का काम करती है। फिल्म में जासूसी के साथ सहमत के डर, भावनाओं और निजी जिंदगी पर पड़ने वाले असर को भी दिखाया गया है। यही वजह है कि यह फिल्म एक आम युद्ध कहानी से अलग नजर आती है।