निगरानी कोर्ट ने रिश्वत लेने के मामले में सहरसा जिले के एक राजस्व कर्मचारी को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई है। भागलपुर निगरानी कोर्ट के एडीजे दीपक कुमार की अदालत ने सौर बाजार अंचल के हल्का नंबर-8 के राजस्व कर्मचारी अरविंद कुमार सिन्हा को 2 वर्ष की कारावास और 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा दी है।
जुर्माना नहीं देने पर अतिरिक्त सजा
अदालत के आदेश के अनुसार, अगर दोषी जुर्माने की राशि जमा नहीं करते हैं तो उन्हें दो महीने की अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी।
2009 में रिश्वत मांगने का था मामला
मामला वर्ष 2009 का है। जानकारी के मुताबिक, सौर बाजार निवासी हरे कृष्ण कुमार ने अपनी पत्नी के नाम जमीन खरीदी थी। जमीन के म्यूटेशन की प्रक्रिया के लिए उन्होंने राजस्व कर्मचारी अरविंद कुमार सिन्हा से संपर्क किया था।
5 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़े गए थे
आरोप है कि म्यूटेशन के नाम पर राजस्व कर्मचारी ने उनसे 5 हजार रुपये रिश्वत की मांग की थी। इसके बाद हरे कृष्ण कुमार ने इसकी शिकायत निगरानी विभाग से की।
शिकायत के आधार पर निगरानी विभाग ने कार्रवाई करते हुए 11 जून 2009 को अरविंद कुमार सिन्हा को 5 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया था।
निगरानी कोर्ट ने सुनाया फैसला
लंबे समय तक चले इस मामले की सुनवाई के बाद अब भागलपुर निगरानी कोर्ट ने राजस्व कर्मचारी को दोषी मानते हुए सजा सुनाई है।
लोक अभियोजक ने दी फैसले की जानकारी
मामले में सजा की जानकारी लोक अभियोजक विजिलेंस स्पेशल रामबदन कुमार चौधरी ने दी। उन्होंने बताया कि अदालत ने भ्रष्टाचार के मामले में दोषी राजस्व कर्मचारी को दो साल की सजा और जुर्माने का आदेश दिया है।