सावन के पवित्र महीने में बिहार सरकार ने महादेव भक्तों के साथ-साथ सोशल मीडिया कंटेंट क्रिएटर्स के लिए भी खास पहल की है। बिहार के भव्य श्रावणी मेले, शिवालयों और धार्मिक-सांस्कृतिक परंपराओं को देश-दुनिया तक पहुंचाने के लिए पर्यटन विभाग ने रील मेकर्स और यूट्यूबर्स के लिए प्रतियोगिता शुरू की है। इसमें शानदार कंटेंट तैयार करने वाले क्रिएटर्स को 3 लाख रुपये तक का पुरस्कार जीतने का मौका मिलेगा।
श्रावणी मेले पर बनानी होगी खास रील और वीडियो
प्रतियोगिता में शामिल होने वाले प्रतिभागियों को बिहार में आयोजित हो रहे सावन मेले और भगवान शिव की आराधना से जुड़ा रचनात्मक कंटेंट तैयार करना होगा। इसका उद्देश्य बिहार की समृद्ध धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को सोशल मीडिया के जरिए देश-दुनिया तक पहुंचाना है।
25 हजार फॉलोअर्स होना जरूरी
पर्यटन विभाग की इस प्रतियोगिता में हिस्सा लेने के लिए प्रतिभागी के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कम से कम 25 हजार फॉलोअर्स होना अनिवार्य है। रील मेकर्स और यूट्यूबर्स अपने वीडियो के जरिए श्रावणी मेले की भव्यता, कांवड़ यात्रा और शिवभक्ति को दुनिया के सामने रख सकेंगे।
पहले स्थान पर 3 लाख रुपये का पुरस्कार
प्रतियोगिता में बेहतर प्रदर्शन करने वाले वीडियो क्रिएटर्स को पुरस्कार दिया जाएगा। प्रथम स्थान हासिल करने वाले क्रिएटर को 3 लाख रुपये का पुरस्कार मिलेगा। पुरस्कार की घोषणा के बाद सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर्स में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है।
गरीबनाथ से सुल्तानगंज तक दिखेगी शिवभक्ति
कई युवा क्रिएटर्स पहले से ही बिहार के प्रमुख शिवालयों और श्रावणी मेले से जुड़े कंटेंट तैयार करते रहे हैं। मुजफ्फरपुर के गरीबनाथ मंदिर, भागलपुर के सुल्तानगंज और सोनपुर के हरिहरनाथ मंदिर में उमड़ने वाली श्रद्धालुओं की भीड़, कांवड़ यात्रा और भक्ति के माहौल को वे अपने कैमरे में कैद कर सोशल मीडिया पर साझा करते हैं।
कंटेंट क्रिएटर्स में बढ़ा उत्साह
पर्यटन विभाग की इस पहल से सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर्स में उत्साह बढ़ा है। क्रिएटर्स का कहना है कि इस प्रतियोगिता से उन्हें बिहार की संस्कृति और धार्मिक परंपराओं को बड़े स्तर पर दिखाने का मौका मिलेगा।
'बांका और भागलपुर में बनाएंगे खास कंटेंट'
सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर सुमन कुमार ने कहा कि श्रावणी मेले पर बेहतर कंटेंट तैयार कर 3 लाख रुपये तक का पुरस्कार जीतने का मौका मिलने से उनकी टीम ने तैयारी शुरू कर दी है। उन्होंने बताया कि टीम जल्द ही बांका और भागलपुर पहुंचकर कांवड़ियों की यात्रा और भक्ति से जुड़े वीडियो तैयार करेगी।
'प्रतियोगिता को लेकर टीम में नई ऊर्जा'
इंफ्लुएंसर सचिन कुमार ने कहा कि श्रावणी मेले पर रील बनाने के लिए पुरस्कार की जानकारी मिलने के बाद टीम में नई ऊर्जा आई है। उन्होंने कहा कि जल्द ही इस प्रतियोगिता के लिए कंटेंट तैयार कर भाग लेने की तैयारी शुरू की जाएगी।
बिहार की संस्कृति को डिजिटल मंच देने की कोशिश
पर्यटन विभाग की यह पहल बिहार की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर नई पहचान देने की कोशिश है। रील और वीडियो के जरिए महादेव की भक्ति, कांवड़ यात्रा और श्रावणी मेले की तस्वीरें देश ही नहीं, बल्कि दुनिया तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।