बिहार में BPSC TRE-4, पेपर लीक और रोजगार के मुद्दे पर छात्र राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। NSUI ने 4 अगस्त को प्रदेशव्यापी आंदोलन का ऐलान करते हुए राज्य सरकार पर छात्रों के दमन का आरोप लगाया है। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि छात्रों की मांगें नहीं मानी गईं, तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा।
प्रेस वार्ता में सरकार पर लगाए आरोप
NSUI के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ ने पटना में आयोजित प्रेस वार्ता में कहा कि आंदोलन में शामिल छात्रों के खिलाफ की गई कार्रवाई चिंताजनक है। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्र अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से आवाज उठा रहे थे, लेकिन उनके साथ सख्ती बरती गई।
जेल और अस्पताल में छात्रों से मिलने का दावा
विनोद जाखड़ ने बताया कि उन्होंने आंदोलन के दौरान घायल और गिरफ्तार छात्रों से जेल और अस्पताल में मुलाकात की। उन्होंने यह भी कहा कि छात्रों की बात राहुल गांधी तक पहुंचाई गई है और इस मामले में उचित कार्रवाई की मांग की गई है।
4 अगस्त को प्रदेशव्यापी आंदोलन का ऐलान
NSUI ने घोषणा की है कि 4 अगस्त को BPSC TRE-4, रोजगार और पेपर लीक के मुद्दे पर पूरे बिहार में बड़ा आंदोलन किया जाएगा। संगठन के अनुसार, इस आंदोलन का नेतृत्व प्रदेश अध्यक्ष सूरज यादव और छात्र नेता शंतनु शेखर करेंगे।
गिरफ्तार छात्रों की रिहाई की मांग
NSUI ने मांग की है कि आंदोलन के दौरान गिरफ्तार किए गए छात्रों को जल्द रिहा किया जाए और पेपर लीक मामले में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। संगठन का कहना है कि यदि ऐसा नहीं हुआ, तो आंदोलन को राष्ट्रीय स्तर पर और तेज किया जाएगा।
गोलीकांड की न्यायिक जांच की मांग
संगठन ने आंदोलन के दौरान हुए कथित गोलीकांड की जांच सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश की निगरानी में कराने की मांग की है। साथ ही घटना के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की भी मांग उठाई गई है।
सरकार की प्रतिक्रिया का इंतजार
फिलहाल, NSUI की इन मांगों और आरोपों पर राज्य सरकार की ओर से विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। मामले को लेकर राजनीतिक और छात्र संगठनों के बीच बयानबाजी जारी है।