बहुजन समाज पार्टी (BSP) के जिला उपाध्यक्ष मोहम्मद शरीफ अली ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता और अपने सभी पदों से तत्काल प्रभाव से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपने इस्तीफे में कहा कि उनका यह फैसला व्यक्तिगत कारणों से नहीं, बल्कि वैचारिक मतभेदों के चलते लिया गया है।
"पार्टी अपने मूल सिद्धांतों से भटक गई"
मोहम्मद शरीफ अली ने कहा कि बहुजन समाज पार्टी की स्थापना मान्यवर कांशीराम ने "बहुजन हिताय, बहुजन सुखाय" के उद्देश्य से की थी। उनका आरोप है कि वर्तमान समय में पार्टी अपने मूल वैचारिक मार्ग से भटकती हुई दिखाई दे रही है और बहुजन आंदोलन की मूल भावना पहले जैसी नहीं रही।
अल्पसंख्यक मुद्दों को लेकर जताई नाराजगी
अपने इस्तीफे में उन्होंने कहा कि अल्पसंख्यक, विशेषकर मुस्लिम समाज से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर पार्टी अपेक्षित मजबूती और स्पष्टता के साथ अपनी बात नहीं रख सकी। उन्होंने इसे अपने इस्तीफे का एक प्रमुख कारण बताया।
कार्यकर्ताओं का जताया आभार
मोहम्मद शरीफ अली ने पार्टी के सभी कार्यकर्ताओं, पदाधिकारियों और शुभचिंतकों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि संगठन में रहते हुए मिले सहयोग और विश्वास के लिए वह सभी के प्रति आभारी हैं।
सामाजिक न्याय के लिए काम जारी रखने का संकल्प
उन्होंने कहा कि पार्टी छोड़ने के बावजूद उनका सामाजिक न्याय, समानता और बहुजन समाज के उत्थान के प्रति समर्पण जारी रहेगा। उन्होंने बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर, मान्यवर कांशीराम और अन्य बहुजन महापुरुषों के विचारों को आगे बढ़ाने तथा सामाजिक न्याय के मिशन के लिए निरंतर कार्य करने की बात कही।