उत्तर प्रदेश के बागपत जिले का विश्वप्रसिद्ध रटोल आम एक बार फिर चर्चा में है। अपनी अनोखी मिठास, सुगंध और बेहतरीन स्वाद के लिए मशहूर रटोल आम के सम्मान में रटोल गांव में भव्य आम महोत्सव का आयोजन किया गया। इस आयोजन में देश-विदेश से आए अतिथियों ने हिस्सा लिया और रटोल आम की विशेषताओं को करीब से जाना।
जिलाधिकारी और थाईलैंड की राजदूत रहीं मौजूद
आम महोत्सव में बागपत की जिलाधिकारी अस्मिता लाल और भारत में थाईलैंड की राजदूत चवनार्ट थांगसुम्फान ने भी शिरकत की। दोनों अतिथियों ने आम की विभिन्न किस्मों की प्रदर्शनी का अवलोकन किया और रटोल आम के स्वाद एवं गुणवत्ता की सराहना की। उनकी मौजूदगी से इस आयोजन को अंतरराष्ट्रीय पहचान भी मिली।
जीआई टैग से मिली नई पहचान
रटोल आम को पहले ही भौगोलिक संकेतक (Geographical Indication-GI) टैग प्राप्त हो चुका है। जीआई टैग मिलने से इस आम की विशिष्टता, गुणवत्ता और भौगोलिक पहचान को आधिकारिक मान्यता मिली है। यही वजह है कि रटोल आम की मांग देश के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी लगातार बढ़ रही है।
किसानों और बागवानों का किया गया सम्मान
महोत्सव के दौरान विभिन्न किस्मों के आमों की प्रदर्शनी लगाई गई। साथ ही उत्कृष्ट उत्पादन करने वाले किसानों और बागवानों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य स्थानीय बागवानों को प्रोत्साहित करना और रटोल आम की ब्रांड वैल्यू को और मजबूत करना रहा।
वैश्विक बाजार तक पहुंचाने की तैयारी
बागपत प्रशासन का लक्ष्य ऐसे आयोजनों के माध्यम से रटोल आम को वैश्विक बाजार में नई पहचान दिलाना है। इसके साथ ही किसानों को बेहतर विपणन के अवसर उपलब्ध कराना और जिले की समृद्ध कृषि एवं सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करना भी प्राथमिकता है।
बागपत की शान बन चुका है रटोल आम
अपनी मिठास, विशिष्ट स्वाद और उत्कृष्ट गुणवत्ता के कारण रटोल आम आज केवल एक फल नहीं, बल्कि बागपत की पहचान और गौरव का प्रतीक बन चुका है। जीआई टैग मिलने के बाद इसकी लोकप्रियता और बढ़ी है तथा यह उत्तर प्रदेश की कृषि विरासत को दुनिया के सामने प्रस्तुत करने का माध्यम बन रहा है।