धर्मनगरी हरिद्वार में कांवड़ यात्रा अपने चरम पर है। रोजाना बड़ी संख्या में कांवड़िए शहर पहुंच रहे हैं। इसी बीच लगातार बारिश, जगह-जगह जलभराव और मेले के दौरान जमा हो रहा कचरा स्वास्थ्य के लिए चिंता का कारण बनता जा रहा है। नमी और गंदगी के बीच फंगल इंफेक्शन और अन्य चर्म संक्रमण का खतरा बढ़ने की बात सामने आ रही है।
बारिश और जलभराव से बढ़ी परेशानी
बारिश के बाद हरिद्वार के कई इलाकों में पानी जमा हो रहा है। लंबे समय तक जलभराव और गीले वातावरण के कारण संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ सकता है। कांवड़ यात्रा के दौरान भीड़ बढ़ने से समस्या और गंभीर हो सकती है।
कचरे से भी संक्रमण का खतरा
कांवड़ मेले के दौरान सड़कों और आसपास जमा कचरे के कारण गंदगी बढ़ गई है। नमी और अस्वच्छ वातावरण में रहने से त्वचा संबंधी समस्याएं बढ़ सकती हैं। स्थानीय लोगों के साथ-साथ कांवड़ यात्रियों को भी साफ-सफाई को लेकर विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है।
फंगल इंफेक्शन के मरीज बढ़े- डॉक्टर
वरिष्ठ चर्म रोग विशेषज्ञ डॉ. के. स्वरूप के मुताबिक, इन दिनों फंगल इंफेक्शन से जुड़े मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। उनके अनुसार बारिश के मौसम में नमी, पसीना और साफ-सफाई की कमी त्वचा संक्रमण के लिए अनुकूल स्थिति पैदा कर सकती है।
गीले कपड़े और जूतों से बचने की सलाह
डॉक्टर के मुताबिक, लंबे समय तक गीले कपड़ों या जूतों में रहने से त्वचा संबंधी संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है। इसलिए लोगों को शरीर और कपड़ों को यथासंभव सूखा रखने, व्यक्तिगत स्वच्छता का ध्यान रखने और गीले कपड़े जल्द बदलने की सलाह दी गई है।
लक्षण दिखें तो डॉक्टर से लें सलाह
चर्म रोग विशेषज्ञ ने लोगों से अपील की है कि त्वचा पर खुजली, लाल चकत्ते, जलन या संक्रमण जैसे लक्षण नजर आएं तो खुद से दवा लेने के बजाय चिकित्सकीय सलाह लें। समय पर इलाज मिलने से संक्रमण को बढ़ने से रोका जा सकता है।
सफाई और जलभराव पर प्रभावी कदम जरूरी
कांवड़ मेले के बीच स्वास्थ्य सुरक्षा को लेकर साफ-सफाई और जलभराव की समस्या पर भी प्रभावी कार्रवाई जरूरी है। बेहतर स्वच्छता व्यवस्था और समय पर कचरा निस्तारण से संक्रमण के संभावित खतरे को कम किया जा सकता है।