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IIT कानपुर का दावा: E20 पेट्रोल पूरी तरह सुरक्षित, अफवाहों पर वैज्ञानिक जवाब

प्रकाशित: 17-07-2026, 12:04 PM
IIT कानपुर का दावा: E20 पेट्रोल पूरी तरह सुरक्षित, अफवाहों पर वैज्ञानिक जवाब
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देशभर में E20 पेट्रोल को लेकर सोशल मीडिया पर कई तरह के दावे किए जा रहे हैं। कुछ पोस्ट में इसे इंजन के लिए नुकसानदायक बताया जा रहा है, तो कहीं माइलेज कम होने और इंजन में जंग लगने जैसी बातें कही जा रही हैं। इन दावों के बीच आईआईटी कानपुर के विशेषज्ञों ने वैज्ञानिक परीक्षणों के आधार पर स्पष्ट किया है कि E20 पेट्रोल पूरी तरह सुरक्षित है और अब तक के परीक्षणों में इससे इंजन को किसी प्रकार का नुकसान होने के प्रमाण नहीं मिले हैं।

E20 को लेकर फैली अफवाहों पर IIT कानपुर की प्रतिक्रिया

आईआईटी कानपुर की इंजन रिसर्च लैब के विशेषज्ञों के अनुसार, E20 पेट्रोल पर किए गए विस्तृत परीक्षणों में इंजन की कार्यक्षमता, टिकाऊपन और सुरक्षा पर कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पाया गया। संस्थान का कहना है कि सोशल मीडिया पर चल रहे कई दावे वैज्ञानिक तथ्यों पर आधारित नहीं हैं।

क्या बोले विशेषज्ञ?

इंजन रिसर्च लैब के प्रोजेक्ट इंजीनियर डॉ. ध्रुव राज ने बताया कि E20 पेट्रोल का सफल परीक्षण किया जा चुका है। जांच के दौरान न तो इंजन में खराबी के संकेत मिले और न ही जंग (Corrosion) जैसी कोई तकनीकी समस्या सामने आई। उन्होंने कहा कि लोगों को अपुष्ट सोशल मीडिया संदेशों की बजाय वैज्ञानिक शोध और प्रमाणित जानकारी पर भरोसा करना चाहिए।

माइलेज कई अन्य कारकों पर भी निर्भर

विशेषज्ञों के मुताबिक, किसी वाहन का माइलेज केवल ईंधन के प्रकार पर निर्भर नहीं करता। वाहन चलाने का तरीका, सड़क की स्थिति, ट्रैफिक, वाहन की सर्विसिंग और रखरखाव जैसे कई कारक भी माइलेज को प्रभावित करते हैं। इसलिए माइलेज में होने वाले छोटे बदलावों को केवल E20 पेट्रोल से जोड़ना उचित नहीं है।

E85 ईंधन पर भी जारी है शोध

आईआईटी कानपुर ने बताया कि संस्थान भविष्य के वैकल्पिक ईंधनों पर भी लगातार शोध कर रहा है। E85 (85 प्रतिशत एथेनॉल मिश्रित ईंधन) पर भी सफल परीक्षण किए जा चुके हैं। शोध का उद्देश्य पर्यावरण के अनुकूल और टिकाऊ ईंधन तकनीकों को विकसित करना है।

क्या है E20 पेट्रोल?

E20 पेट्रोल में 20 प्रतिशत एथेनॉल और 80 प्रतिशत पेट्रोल का मिश्रण होता है। केंद्र सरकार चरणबद्ध तरीके से एथेनॉल मिश्रित ईंधन के उपयोग को बढ़ावा दे रही है, ताकि कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम हो, किसानों की आय बढ़े और कार्बन उत्सर्जन में कमी लाई जा सके।

विशेषज्ञों की सलाह

आईआईटी कानपुर के विशेषज्ञों ने लोगों से अपील की है कि E20 पेट्रोल को लेकर सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे अपुष्ट दावों पर भरोसा न करें। किसी भी तकनीकी जानकारी को स्वीकार करने से पहले वैज्ञानिक शोध, आधिकारिक रिपोर्ट और प्रमाणित स्रोतों की जानकारी अवश्य देखें।

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