जमुई जिले के खैरा थाना क्षेत्र में नरियाना और मांगोबांधर पुलों की जर्जर हालत को लेकर लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। दोनों पुल बुरी तरह क्षतिग्रस्त हैं, लेकिन स्थानीय लोगों का आरोप है कि बार-बार शिकायत के बावजूद संबंधित विभाग की ओर से अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
मुख्य मार्ग पर बने हैं दोनों पुल
नरियाना और मांगोबांधर पुल जमुई के प्रमुख मार्ग पर स्थित हैं और जिले को दूसरे राज्यों से जोड़ने वाले महत्वपूर्ण रास्ते का हिस्सा हैं। रोजाना सैकड़ों वाहन और लोग इन पुलों से होकर गुजरते हैं। पुलों की खराब स्थिति के बावजूद लोगों को मजबूरी में जान जोखिम में डालकर सफर करना पड़ रहा है।
सांसद ने लिया था जायजा, नए पुल का दिया था भरोसा
स्थानीय लोगों के मुताबिक सांसद भी दोनों पुलों का जायजा ले चुके हैं। लोगों का कहना है कि निरीक्षण के दौरान बगल में नए पुल के निर्माण की बात कही गई थी, लेकिन अब तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका है। इससे लोगों में नाराजगी और बढ़ रही है।
बारिश में और खतरनाक हो जाती है स्थिति
बरसात के मौसम में पुलों की स्थिति और ज्यादा चिंताजनक हो जाती है। पानी और तेज बहाव के बीच क्षतिग्रस्त पुलों से गुजरना लोगों के लिए जोखिम भरा बना हुआ है। स्थानीय लोगों को आशंका है कि समय रहते मरम्मत या नया पुल नहीं बनाया गया तो बड़ा हादसा हो सकता है।
‘रोज जान हथेली पर रखकर निकलते हैं’
स्थानीय लोगों का कहना है कि पुल की समस्या को लेकर कई बार विभागीय अधिकारियों को जानकारी दी गई। उनका आरोप है कि सांसद के निरीक्षण के बावजूद काम शुरू नहीं हुआ। लोगों का कहना है कि रोजाना जान जोखिम में डालकर आवागमन करना पड़ रहा है।
जल्द निर्माण नहीं हुआ तो आंदोलन की चेतावनी
ग्रामीणों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से जल्द से जल्द नए पुल का निर्माण शुरू कराने की मांग की है। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
सवालों के घेरे में विभाग की कार्यशैली
मुख्य मार्ग पर स्थित पुलों की जर्जर हालत ने विभागीय व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। लोगों का सवाल है कि जब प्रमुख मार्ग के पुल ही सुरक्षित नहीं हैं, तो विभाग आखिर कब जागेगा और स्थायी समाधान की दिशा में कदम उठाएगा।