NH-80 पर स्थित कुआ पुल की जर्जर हालत को देखते हुए जिला प्रशासन के आदेश पर पुल से यातायात पूरी तरह बंद कर दिया गया है। पिछले पांच दिनों से आवाजाही बंद होने के कारण स्कूली छात्रों, व्यापारियों और आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
जर्जर पुल को लेकर विधायक ने उठाया मुद्दा
कहलगांव विधायक ने पुल की खराब स्थिति को लेकर पथ निर्माण मंत्री इंजीनियर शैलेंद्र से मुलाकात कर समस्या की जानकारी दी थी। इसके बाद केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के निर्देश पर इंजीनियरों की टीम ने पुल का निरीक्षण किया।
पांच दिनों से पूरी तरह बंद है आवाजाही
पुल की स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने करीब पांच दिनों से इस पर सभी तरह के यातायात पर रोक लगा दी है। सुरक्षा के मद्देनजर वाहनों को दूसरे रास्तों से भेजा जा रहा है।
2021 में ही अनदेखी का आरोप
कहलगांव विधायक ने आरोप लगाया कि वर्ष 2021 में NH-80 के चौड़ीकरण के दौरान पुल की स्थिति पर ध्यान नहीं दिया गया। उन्होंने कहा कि अधिकारियों के साथ उस समय के जनप्रतिनिधियों ने भी पुल की जर्जर स्थिति को गंभीरता से नहीं लिया, जिसके कारण अब समस्या और बढ़ गई है।
एक महीने में मरम्मत का दावा
विधायक के मुताबिक पुल की मरम्मत का काम करीब एक महीने के भीतर पूरा करने का लक्ष्य है। मरम्मत के बाद पहले चरण में छोटे वाहनों को पुल से गुजरने की अनुमति दी जाएगी, जबकि बड़े वाहनों के लिए फोरलेन मार्ग का इस्तेमाल किया जाएगा।
20 किलोमीटर अतिरिक्त सफर से बढ़ी परेशानी
पुल बंद होने से स्थानीय लोगों को कहलगांव पहुंचने के लिए करीब 20 किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है। इससे समय और ईंधन दोनों की खपत बढ़ रही है।
छात्रों और कारोबारियों पर भी असर
पुल बंद होने का सबसे ज्यादा असर स्कूली छात्रों, स्थानीय व्यापारियों और रोजाना आने-जाने वाले लोगों पर पड़ रहा है। कारोबारियों का कहना है कि आवाजाही प्रभावित होने से व्यापार पर भी असर पड़ रहा है।
वैकल्पिक व्यवस्था की मांग
स्थानीय लोगों और नेताओं ने प्रशासन से जल्द से जल्द वैकल्पिक यातायात व्यवस्था उपलब्ध कराने की मांग की है, ताकि पुल की मरम्मत पूरी होने तक लोगों को परेशानी न उठानी पड़े।