जलेबी तो आपने खूब खाई होगी, लेकिन क्या आपने कभी मखाना जलेबी का स्वाद चखा है? इस बार स्वतंत्रता दिवस के मौके पर कटिहार में मिठास के साथ मखाने का अनोखा स्वाद भी देखने को मिलेगा। जिले में पारंपरिक जलेबी को मखाने से जोड़कर एक नया और खास प्रयोग किया जा रहा है।
मखाना हब के रूप में बन रही कटिहार की पहचान
कटिहार की पहचान अब बिहार के प्रमुख मखाना उत्पादक क्षेत्रों में तेजी से बन रही है। इसी को देखते हुए कोशिश की जा रही है कि मखाना सिर्फ खेत और मंडी तक सीमित न रहे, बल्कि इससे जुड़े नए और वैल्यू एडेड प्रोडक्ट भी तैयार किए जाएं।
महिला समूह तैयार कर रहा मखाना जलेबी
कटिहार के हसनगंज प्रखंड के पिपरा में महिला समूह की सदस्य मखाना जलेबी तैयार करने में जुटी हैं। पारंपरिक जलेबी में मखाने को शामिल कर नया स्वाद तैयार करने की कोशिश की जा रही है।
स्वतंत्रता दिवस पर होगी खास पेशकश
महिला समूह और इससे जुड़े लोग इस खास मिठाई को 15 अगस्त के मौके पर लोगों के सामने पेश करने की तैयारी कर रहे हैं। उद्देश्य है कि स्थानीय लोगों के साथ-साथ बाहर से आने वाले लोगों को भी मखाना जलेबी का स्वाद चखाया जाए।
मखाने से रोजगार के नए रास्ते खोलने की कोशिश
महिला समूह का कहना है कि मखाना जलेबी तैयार करने का मकसद केवल नया स्वाद देना नहीं है। इसके जरिए मखाना किसानों और ग्रामीण महिलाओं के लिए रोजगार और आय के नए अवसर पैदा करने की कोशिश भी की जा रही है।
मखाने से तैयार होंगे नए वैल्यू एडेड प्रोडक्ट
जिला प्रशासन और संस्था से जुड़े लोगों की पहल का उद्देश्य मखाने के उत्पादन को नए बाजार और उत्पादों से जोड़ना है। मखाना जलेबी इसी दिशा में एक प्रयोग है, जिससे स्थानीय उत्पाद को नई पहचान और बाजार मिल सकता है।
आजादी का जश्न, मखाने की मिठास के साथ
इस बार कटिहार में स्वतंत्रता दिवस का जश्न कुछ अलग अंदाज में मनाने की तैयारी है। पारंपरिक जलेबी में मखाने का स्वाद जोड़कर तैयार की जा रही यह मिठाई स्थानीय स्वाद, महिला उद्यमिता और मखाना अर्थव्यवस्था को एक साथ जोड़ने की कोशिश बन गई है।