समाजवादी पार्टी के पूर्व विदेश मंत्री सलीम शेरवानी ने एक मीडिया साक्षात्कार में NEET पेपर लीक विवाद, छात्र आंदोलन और केंद्र सरकार की कार्यप्रणाली पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि देशभर में चल रहा छात्र आंदोलन जल्द खत्म होने वाला नहीं है, क्योंकि युवाओं का सरकार पर भरोसा कमजोर हुआ है और वे लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं।
'सरकार पर छात्रों का भरोसा कम हुआ'
सलीम शेरवानी ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने वर्षों से बड़े-बड़े दावे किए, लेकिन शिक्षा व्यवस्था में अपेक्षित सुधार नहीं हो सका। उनका कहना था कि जब लगातार प्रतियोगी परीक्षाओं में अनियमितताओं के आरोप सामने आते हैं, तो छात्रों का व्यवस्था पर विश्वास प्रभावित होना स्वाभाविक है।
शिक्षा मंत्री और परीक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल
शेरवानी ने कहा कि सरकार पारदर्शिता और जवाबदेही की बात करती है, लेकिन पेपर लीक जैसे मामलों में प्रभावी कार्रवाई दिखाई नहीं देती। उन्होंने शिक्षा व्यवस्था में सुधार और जवाबदेही सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
'पेपर लीक से छात्रों का भविष्य प्रभावित'
उन्होंने आरोप लगाया कि लगातार पेपर लीक की घटनाओं से लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हो रहा है। उनका कहना है कि इस मुद्दे पर सरकार को गंभीर और ठोस कदम उठाने चाहिए, ताकि युवाओं का परीक्षा प्रणाली पर भरोसा बहाल हो सके।
छात्र आंदोलन में दिखी एकजुटता की मिसाल
सलीम शेरवानी ने कहा कि छात्र आंदोलन का एक सकारात्मक पहलू यह भी है कि इसमें विभिन्न धर्मों और समुदायों के लोग एकजुट होकर छात्रों का समर्थन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कई सामाजिक और धार्मिक संस्थाएं भी आंदोलनकारियों की मदद के लिए आगे आई हैं।
NTA सचिव के तबादले पर दी प्रतिक्रिया
एनटीए (NTA) के सचिव के तबादले पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि केवल अधिकारियों का तबादला कर देने से व्यवस्था में सुधार नहीं आएगा। उनके अनुसार, वास्तविक बदलाव के लिए शीर्ष स्तर पर जवाबदेही तय करना आवश्यक है।
पाकिस्तान कनेक्शन के दावों को बताया निराधार
कुछ हलकों में पेपर लीक मामले में पाकिस्तान या बाहरी ताकतों की भूमिका से जुड़े दावों पर प्रतिक्रिया देते हुए शेरवानी ने उन्हें निराधार बताया। उन्होंने कहा कि इस तरह के आरोपों के बजाय व्यवस्था की कमियों पर ध्यान दिया जाना चाहिए।
'समाजवादी पार्टी छात्रों के साथ खड़ी है'
सलीम शेरवानी ने कहा कि समाजवादी पार्टी छात्र आंदोलन का समर्थन कर रही है। उन्होंने दावा किया कि विपक्ष के कई नेताओं ने भी छात्रों की मांगों के समर्थन में अपनी आवाज उठाई है।