पूर्णिया सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने शनिवार को पटना स्थित अपने आवास पर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर केंद्र सरकार और बीजेपी पर कई गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने संसद में गतिरोध, जंतर-मंतर पर प्रदर्शन, राम मंदिर ट्रस्ट, NEET पेपर लीक और बिहार में हत्या के मामलों को लेकर सरकार से जवाब मांगा।
'सत्ता में बैठे लोग सवालों से भाग रहे हैं'
पप्पू यादव ने कहा कि देश की राजनीति में जवाबदेही का संकट दिखाई दे रहा है। उनका आरोप है कि सत्ता में बैठे लोग विपक्ष के सवालों का सामना करने के बजाय सदन से बचने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने केंद्र सरकार से विभिन्न मुद्दों पर संसद में जवाब देने की मांग की।
'BJP का चरित्र अपराधियों को सम्मान देना'
अपने ऊपर हुए कथित हमले का जिक्र करते हुए पप्पू यादव ने बीजेपी पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि जिन लोगों पर गंभीर आपराधिक मामले होने चाहिए, उन्हें राजनीतिक संरक्षण और सम्मान दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि बीजेपी के 'चाल, चरित्र और चेहरे' पर सवाल उठते हैं और आरोप लगाया कि कभी गंभीर अपराधों के आरोपियों के समर्थन में जश्न मनाया जाता है।
संसद के गतिरोध पर अमित शाह से मांगा जवाब
पप्पू यादव ने संसद की कार्यवाही बाधित होने को लेकर सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि विपक्ष लगातार सवाल उठा रहा है, लेकिन सरकार जवाब देने से बच रही है। उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से सदन में आकर विपक्ष के सवालों का जवाब देने की मांग की।
जंतर-मंतर प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाई पर सवाल
जंतर-मंतर पर हुए Gen-Z आंदोलन का जिक्र करते हुए पप्पू यादव ने प्रदर्शनकारियों पर कथित पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ मारपीट की गई, लेकिन जिम्मेदार लोगों के खिलाफ अब तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई।
उन्होंने महिला प्रदर्शनकारियों को कथित धमकियों और उत्पीड़न का मुद्दा भी उठाया और सरकार से जवाब मांगा।
महिला आरक्षण को लेकर भी उठाए सवाल
पप्पू यादव ने महिला आरक्षण और महिलाओं के अधिकारों का मुद्दा उठाते हुए कहा कि अगर सरकार महिलाओं के अधिकारों की बात करती है, तो फिर आंदोलन कर रही महिलाओं के साथ कथित तौर पर सख्ती और धमकियों की शिकायतें क्यों सामने आती हैं।
राम मंदिर ट्रस्ट को लेकर सरकार से मांगा जवाब
राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े कथित चढ़ावा और जमीन लेनदेन के आरोपों को लेकर भी पप्पू यादव ने सरकार से जवाब मांगा। उन्होंने कहा कि अगर प्रधानमंत्री अयोध्या और राम मंदिर से जुड़े कार्यों का श्रेय लेते हैं, तो ट्रस्ट से जुड़े आरोपों पर भी संसद में जवाब दिया जाना चाहिए।
उन्होंने चंपत राय, गोविंद गिरी और नृपेंद्र मिश्रा का नाम लेते हुए उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों की जांच की मांग की। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि इस बयान से नहीं होती।
NEET पेपर लीक पीड़ितों के लिए आर्थिक मदद का ऐलान
पप्पू यादव ने NEET पेपर लीक से प्रभावित छात्रों के परिवारों के लिए आर्थिक सहायता की घोषणा की। उन्होंने कहा कि कथित पेपर लीक के बाद आत्महत्या करने वाले 21 छात्रों के परिजनों को 50-50 हजार रुपये की मदद दी जाएगी।
इसके अलावा आंदोलन के दौरान घायल हुए छात्रों को 25-25 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने की बात भी कही।
बिहार में EO हत्या मामले की निष्पक्ष जांच की मांग
बिहार के राजनीतिक हालात पर भी पप्पू यादव ने अपनी बात रखी। उन्होंने EO विमल कुमार हत्या मामले में निष्पक्ष जांच की मांग की और कहा कि किसी एक व्यक्ति को जल्दबाजी में दोषी ठहराने के बजाय पूरे मामले के सभी पहलुओं की जांच होनी चाहिए।
उन्होंने सवाल उठाया कि क्या केवल ड्राइवर ही पूरी घटना को अंजाम दे सकता है और क्या इस मामले में अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की गई है।
'सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच जरूरी'
प्रेस कॉन्फ्रेंस के अंत में पप्पू यादव ने कहा कि किसी भी गंभीर मामले में जल्द निष्कर्ष पर पहुंचने के बजाय सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच जरूरी है। उन्होंने सरकार से पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग की।