राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के सांसद सुधाकर सिंह ने लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (PHED) की एक निविदा प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि निविदा से जुड़े दस्तावेजों में कई अनियमितताएं हैं और पूरे मामले की स्वतंत्र एजेंसी से निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए।
क्रेडिट सर्टिफिकेट को बताया संदिग्ध
सुधाकर सिंह का आरोप है कि एसबीडी (SBD) की क्लॉज 4.3(जी) के तहत जमा किया गया Kotak Mahindra Bank का क्रेडिट सर्टिफिकेट संदिग्ध है। उनके अनुसार, प्रमाणपत्र पर जारी होने की तारीख, शाखा का नाम, IFSC कोड, जारीकर्ता अधिकारी का नाम और कर्मचारी पहचान संख्या जैसी महत्वपूर्ण जानकारियां दर्ज नहीं हैं।
दस्तावेजों में बताई गईं कई विसंगतियां
सांसद ने दावा किया कि क्रेडिट सर्टिफिकेट के लेटरहेड पर बांद्रा (मुंबई) का उल्लेख है, जबकि उस पर लगी मुहर कोलकाता शाखा की है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कई दस्तावेज बिना विधिवत हस्ताक्षर के अपलोड किए गए हैं, जिससे उनकी वैधता पर सवाल खड़े होते हैं।
बैंकर्स रेफरेंस पर भी उठाए सवाल
सुधाकर सिंह ने कहा कि एसबीडी की क्लॉज 4.3(आई) के तहत जमा किए गए बैंकर्स रेफरेंस में भी गंभीर अनियमितताएं हैं। उनके अनुसार, बैंकर्स रेफरेंस में Canara Bank, भुवनेश्वर का उल्लेख किया गया है, जबकि क्रेडिट सर्टिफिकेट Kotak Mahindra Bank का प्रस्तुत किया गया है। उन्होंने इसे दस्तावेजी हेराफेरी का मामला बताया।
नई कंपनी को ठेका मिलने पर भी सवाल
राजद सांसद ने AVENDEX Private Limited नाम की कंपनी पर भी सवाल उठाए। उनका दावा है कि कंपनी का गठन 29 जनवरी 2026 को हुआ और महज पांच महीने पुरानी कंपनी को 100 करोड़ रुपये से अधिक का ठेका दे दिया गया, जबकि उसकी अधिकृत पूंजी केवल 5 लाख रुपये बताई गई है।
स्वतंत्र जांच की मांग
सुधाकर सिंह का आरोप है कि पूरी निविदा प्रक्रिया में पारदर्शिता, निष्पक्षता और प्रतिस्पर्धा के सिद्धांतों की अनदेखी की गई है। उन्होंने मांग की है कि पूरे मामले की किसी स्वतंत्र एजेंसी से निष्पक्ष और विस्तृत जांच कराई जाए, ताकि सभी तथ्यों की स्पष्टता सामने आ सके।
नोट: ये आरोप राजद सांसद सुधाकर सिंह द्वारा लगाए गए हैं। संबंधित विभाग या अन्य पक्ष की प्रतिक्रिया इस विवरण में शामिल नहीं है।