कर्नाटक में चल रही स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) प्रक्रिया के बीच अभिनेता प्रकाश राज और चुनाव आयोग के बीच वोटर लिस्ट को लेकर विवाद सामने आया है। प्रकाश राज ने दावा किया कि बेंगलुरु की वोटर लिस्ट से उनका नाम हटा दिया गया है। वहीं चुनाव अधिकारियों का कहना है कि उनका नाम डिलीट नहीं किया गया, बल्कि रिकॉर्ड में उन्हें ‘Shifted’ यानी दूसरे पते पर स्थानांतरित बताया गया है।
प्रकाश राज बोले- ‘इसका मतलब नाम हटा दिया गया’
प्रकाश राज ने चुनाव आयोग की सफाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर उनका स्टेटस ‘Shifted’ किया गया है, तो उन्हें नए पते पर वोटर के तौर पर दोबारा रजिस्ट्रेशन कराना पड़ेगा। उन्होंने दावा किया कि जब उन्होंने इस मुद्दे को सार्वजनिक किया तो अधिकारियों ने उनसे संपर्क कर इसे ठीक करने की बात कही थी।
क्या है पूरा मामला?
प्रकाश राज ने मंगलवार को सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर कर दावा किया था कि SIR प्रक्रिया के दौरान बेंगलुरु की वोटर लिस्ट से उनका नाम हटा दिया गया। उन्होंने कहा कि उनका जन्म और पालन-पोषण बेंगलुरु में हुआ है और उन्होंने इसी शहर में पढ़ाई और थिएटर किया है। उन्होंने यह भी दावा किया कि बेंगलुरु निर्वाचन क्षेत्र से बड़ी संख्या में वोटरों के नाम हटाए गए हैं।
अधिकारियों ने बताई अलग वजह
बेंगलुरु सेंट्रल सिटी कॉर्पोरेशन के अधिकारियों के मुताबिक, प्रकाश राज का नाम वोटर लिस्ट से पूरी तरह हटाया नहीं गया है। अधिकारियों का कहना है कि बूथ लेवल ऑफिसर की जांच में पता चला कि वह अपने पुराने रजिस्टर्ड पते पर लंबे समय से नहीं रह रहे हैं। पड़ोसियों, प्रॉपर्टी मैनेजर और फ्लैट मालिक से जानकारी लेने के बाद उनका स्टेटस ‘Shifted’ मार्क किया गया।
नए पते पर Form-6 से रजिस्ट्रेशन की बात
अधिकारियों के मुताबिक प्रकाश राज ने फोन पर यह पुष्टि की थी कि वह पुराने रजिस्टर्ड पते पर नहीं रहते, बल्कि उसी निर्वाचन क्षेत्र में दूसरी जगह रह रहे हैं। ऐसे में अधिकारियों ने कहा कि वह मौजूदा पते पर वोटर डिटेल्स दर्ज कराने के लिए Form-6 के जरिए आवेदन कर सकते हैं।
SIR को लेकर चुनाव आयोग की सफाई
चुनाव आयोग के मुताबिक SIR एक प्रक्रिया है, जिसका उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक सटीक और अपडेट रखना है। आयोग के निर्देशों में भी BLO को ऐसे मामलों में ‘Absent’, ‘Shifted’, ‘Dead’ और ‘Duplicate’ जैसी संभावित वजहों की जांच करने का प्रावधान है।
आरोपों को जांच में सही नहीं पाया गया
बेंगलुरु की सिविक बॉडी ने कहा कि प्रकाश राज की ओर से वीडियो में लगाए गए आरोपों की जांच की गई और वे सही नहीं पाए गए। दूसरी ओर, प्रकाश राज का कहना है कि बाद में आयोग ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपना रुख बदला। इस पूरे विवाद के बीच अब मामला प्रकाश राज के दावे और चुनाव अधिकारियों की सफाई के बीच उलझा हुआ है।