राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक बड़ा खुलासा सामने आया है। सूत्रों के अनुसार, पुलिस ने मंदिर परिसर की सुरक्षा मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए थे, जिनमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित कैमरे लगाने, सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने और आधुनिक स्कैनिंग सिस्टम स्थापित करने की सिफारिश शामिल थी। हालांकि, इन सुझावों पर समय रहते अमल नहीं किया गया।
AI कैमरों और आधुनिक सुरक्षा व्यवस्था की दी गई थी सलाह
सूत्रों के मुताबिक, पुलिस ने मंदिर ट्रस्ट को सुरक्षा व्यवस्था को तकनीकी रूप से मजबूत करने के लिए AI आधारित निगरानी कैमरे लगाने का प्रस्ताव दिया था। इसके अलावा मंदिर परिसर में आने-जाने वाले वाहनों की जांच के लिए अत्याधुनिक स्कैनिंग डिवाइस लगाने की भी सिफारिश की गई थी, ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तत्काल नजर रखी जा सके।
सिफारिशों पर अमल नहीं होने का दावा
जांच से जुड़े सूत्रों का दावा है कि पुलिस की इन सुरक्षा संबंधी सिफारिशों पर ट्रस्ट स्तर पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं की गई। आरोप है कि ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने इन सुझावों को प्राथमिकता नहीं दी, जिसके कारण सुरक्षा व्यवस्था में कई कमियां बनी रहीं।
छह वर्षों तक फाइलों में अटके रहे प्रस्ताव
सूत्रों के अनुसार, सुरक्षा से जुड़े कई प्रस्ताव करीब छह वर्षों तक फाइलों में ही लंबित रहे। इस दौरान न तो AI कैमरों की व्यवस्था लागू हो सकी और न ही वाहनों की स्कैनिंग के लिए आवश्यक उपकरण खरीदे गए। बताया जा रहा है कि पुलिस द्वारा दिए गए कई सुझावों पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया।
सुरक्षा में लापरवाही के आरोप
जांच से जुड़े सूत्रों का कहना है कि सुरक्षा उपायों की अनदेखी का परिणाम चढ़ावे की कथित करोड़ों रुपये की चोरी के रूप में सामने आया। सूत्रों के अनुसार, पुलिस की ओर से समय-समय पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की सलाह दी जाती रही, लेकिन उन पर प्रभावी ढंग से अमल नहीं किया गया।
जांच जारी, आधिकारिक पुष्टि का इंतजार
फिलहाल इस पूरे मामले की जांच SIT द्वारा की जा रही है। अब तक जांच एजेंसियों या श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से इन दावों पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। ऐसे में जांच पूरी होने और आधिकारिक रिपोर्ट सामने आने के बाद ही पूरे मामले की स्पष्ट तस्वीर सामने आ सकेगी।