बिहार के मछली पालक किसानों के लिए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बड़ी सौगात दी है। सीतामढ़ी के डुमरा प्रखंड के राघोपुर-बखरी में करीब 10.92 करोड़ रुपये की लागत से तैयार फिश ब्रूड बैंक का मुख्यमंत्री ने शुभारंभ किया। इस परियोजना को बिहार के मत्स्य क्षेत्र के लिए अहम कदम माना जा रहा है।
2019 में PM मोदी ने किया था शिलान्यास
इस परियोजना की आधारशिला वर्ष 2019 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रखी थी। प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत तैयार इस ब्रूड बैंक के शुरू होने से राज्य में मत्स्य उत्पादन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
40 एकड़ में तैयार हुआ ब्रूड बैंक
करीब 40 एकड़ क्षेत्र में विकसित किए गए ब्रूड बैंक में आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। यहां ब्रूड स्टॉक तालाब, नर्सरी पॉन्ड और रियरिंग पॉन्ड जैसी व्यवस्थाएं बनाई गई हैं।
कई प्रजातियों के गुणवत्तापूर्ण मत्स्य बीज होंगे तैयार
ब्रूड बैंक में रोहू, कतला, मृगल, जयंती रोहू, कॉमन कार्प, अमृत कतला और अमूर कार्प जैसी विभिन्न प्रजातियों के गुणवत्तापूर्ण मत्स्य बीज तैयार किए जाएंगे। इससे मछली पालकों को बेहतर गुणवत्ता वाले बीज स्थानीय स्तर पर उपलब्ध हो सकेंगे।
दूसरे राज्यों से बीज मंगाने की निर्भरता होगी कम
ब्रूड बैंक के शुरू होने से बिहार के मछली पालकों और हैचरी संचालकों को स्थानीय स्तर पर मत्स्य बीज उपलब्ध होने की उम्मीद है। इससे दूसरे राज्यों से बीज मंगाने पर निर्भरता कम होगी और परिवहन लागत में भी कमी आ सकती है।
मछली पालकों की आय बढ़ाने पर जोर
गुणवत्तापूर्ण मत्स्य बीज की उपलब्धता से मछली उत्पादन बढ़ाने में मदद मिल सकती है। इससे उत्पादन लागत कम करने और मछली पालकों की आय बढ़ाने के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है।
रोजगार और आत्मनिर्भर मत्स्य उत्पादन को मिलेगा बढ़ावा
प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना और राज्य सरकार के प्रयासों से तैयार यह परियोजना आत्मनिर्भर मत्स्य उत्पादन, रोजगार सृजन और किसानों की आर्थिक मजबूती की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है। ब्रूड बैंक के संचालन से बिहार के मत्स्य क्षेत्र को नई गति मिलने और राज्य को गुणवत्तापूर्ण मत्स्य बीज उत्पादन के क्षेत्र में मजबूत बनाने की उम्मीद है।