सोनू निगम ने ऑटो-ट्यून के बारे में एक दिलचस्प बात कही है, उन्होंने कहा कि यह तकनीक 99% आवाज को 100% तक पहुंचा सकती है। मशहूर प्लेबैक सिंगर सोनू निगम ने ऑटो-ट्यून के इस्तेमाल पर खुलकर अपनी राय रखी है। उन्होंने बताया कि वह भी अपने कुछ गानों में ऑटो-ट्यून का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन उनका मानना है कि इसका इस्तेमाल आवाज को बेहतर बनाने के लिए होना चाहिए, न कि किसी ऐसे व्यक्ति को सिंगर बनाने के लिए जिसे सही तरीके से गाना नहीं आता।
सोनू निगम ने ऑटो-ट्यून पर रखी राय
सोनू निगम ने कोमल नाहटा के पॉडकास्ट 'गेम चेंजर्स: द म्यूजिक सीरीज' में म्यूजिक इंडस्ट्री में आए बदलावों और ऑटो-ट्यून के बढ़ते इस्तेमाल पर बात की। उन्होंने कहा कि डिजिटल दौर में म्यूजिक रिकॉर्डिंग का तरीका काफी बदल गया है। ऐसे में बिना किसी ट्रीटमेंट के रिकॉर्ड की गई आवाज कई बार म्यूजिक के साथ सही तरीके से फिट नहीं बैठती।
सोनू गानों में करते हैं ऑटो-ट्यून इस्तेमाल
सोनू निगम ने बताया कि उन्होंने बिना ऑटो-ट्यून के दौर में रियाज किया है, इसलिए उन्हें इस तकनीक पर निर्भर रहने की जरूरत नहीं पड़ती। हालांकि, वह अपने कुछ गानों में इसका इस्तेमाल करते हैं। उन्होंने कहा कि पहले गानों में लाइव सारंगी और लाइव स्ट्रिंग्स का इस्तेमाल होता था, उस समय आवाज का हर सुर पूरी तरह परफेक्ट होना जरूरी नहीं था।
ऑटो-ट्यून को लेकर क्या बोले सिंगर?
आज म्यूजिक प्रोडक्शन काफी हद तक डिजिटल हो चुका है। ऐसे में अगर आवाज को बिना किसी ट्रीटमेंट के रिकॉर्ड किया जाए तो वह कई बार गाने के म्यूजिक के साथ अलग या अजीब सुनाई दे सकती है। सोनू निगम का मानना है कि ऑटो-ट्यून अपने आप में गलत तकनीक नहीं है। इसका इस्तेमाल किसी गायक की आवाज को थोड़ा और बेहतर बनाने के लिए किया जा सकता है, लेकिन इसे किसी की गायन क्षमता की कमी छिपाने के लिए इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए।
ऑटो-ट्यून गलत नहीं
उनकी बात का सीधा मतलब यही है कि टेक्नोलॉजी किसी कलाकार को बेहतर बनाने में मदद कर सकती है, लेकिन असली टैलेंट और मेहनत का विकल्प नहीं बन सकती। सोनू निगम भारतीय म्यूजिक इंडस्ट्री के सबसे लोकप्रिय और सफल गायकों में से एक हैं। अपनी शानदार आवाज और दमदार लाइव परफॉर्मेंस के लिए मशहूर सोनू निगम ने कई दशकों तक दर्शकों के दिलों पर राज किया है।
सोनू निगम के ये गाने रहे हैं सुपरहिट
उनके लोकप्रिय गानों में 'अभी मुझ में कहीं', 'संदेसे आते हैं', 'कल हो ना हो', 'सूरज हुआ मद्धम', 'दो पल' और 'मैं अगर कहूं' जैसे कई सुपरहिट गाने शामिल हैं। ऑटो-ट्यून पर सोनू निगम की राय एक बार फिर यह बहस सामने लाती है कि म्यूजिक में तकनीक की भूमिका कितनी होनी चाहिए और एक सिंगर की असली पहचान उसकी आवाज और हुनर से कितनी जुड़ी होती है।