बिहार की राजधानी पटना में 25 अगस्त को 70वीं BPSC और TRE-4 एवं अन्य भर्ती प्रक्रियाओं की मांगों को लेकर प्रदर्शन हुआ। यह आंदोलन उस समय आक्रामक हो गया, जब मार्च कर रहे छात्रों एवं पुलिस के बीच झड़प हुई। इस आंदोलन की शुरुआत गांधी मैदान से हुई और फिर धीरे-धीरे प्रदर्शनकारी डाकबंगला चौराहे तक पहुंचे। प्रदर्शनकारियों के द्वारा किए गए पथराव के बाद प्रदर्शन रोकने के लिए लाठीचार्ज और वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। इस प्रदर्शन में एक छह साल का बच्चा शामिल हुआ। इसी बीच, राजद के कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव ने सम्राट सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा- 'चोर चोरी से जाए, सीनाजोरी से न जाए।'

सड़क पर उतरे छात्र

छात्र मांग कर रहे हैं कि 70वीं BPSC की निष्पक्ष जांच करवाएं। इसके आलावा प्रदर्शनकारियों ने TRE-4 परीक्षा को सिंगल-स्टेज में कराने, नेगेटिव मार्किंग समाप्त करने और 100 प्रतिशत डोमिसाइल जैसी मांगों को भी उठाया था। छात्रों ने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा है कि भर्ती और परीक्षा प्रक्रिया में स्पष्टता होने के साथ-साथ भर्ती से जुड़े नियमों को भी स्पष्ट होना चाहिए। लेकिन बिहार लोक सेवा (BPSC) आयोग ने छात्रों की मांगों को ठुकराते हुए स्पष्ट किया है कि 'एग्जाम पैटर्न में कोई बदलाव नहीं होगा और TRE-4 का एग्जाम दो चरणों में ही लिया जाएगा और नेगेटिव मार्किंग का प्रावधान भी जारी रहेगा।' आयोग का कहना है कि ये नियम सभी छात्रों के लिए एक सामान रहेंगे।  

पथराव में DSP और छात्रा घायल

छात्रों के द्वारा किए गए प्रदर्शन में स्थिति काफी तनावपूर्ण हो गई थी। रिपोर्ट्स के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों के साथ पुलिस की हुई भिड़ंत में एक DSP भी घायल हो गए थे। इसके आलावा एक छात्र के सिर पर चोट लगने की खबर भी सामने आई। कई प्रदर्शनकारियों को डिटेन भी किया गया। 

प्रदर्शन में शामिल हुआ 6 साल का बच्चा 

इस पूरे प्रदर्शन में एक छह साल के बच्चे आदित्य कुमार के शामिल होने की खबर भी सामने आई। आदित्य पहली कक्षा का छात्र है। उसने मार्च कर रहे छात्रों के बीच सरकार के खिलाफ नारे लगाए और सम्राट सरकार से छात्रों के लिए रोजगार एवं शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी के इस्तीफे की मांग भी की। आदित्य का कहना है कि अभी वह पढ़ रहा है, लेकिन बड़ा होकर उसको भी रोजगार को लेकर ऐसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। उसका वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुआ। 

तेजस्वी यादव ने सरकार को घेरा 

राजद के कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव कहते हैं कि NDA की तानाशाह सरकार ने जब AK-47 से गोलियां चलवाईं और उसी वजह से सरकार की चारों तरफ आलोचना हुई। यह सरकार आलोचना के डर से दवाब में आकर गोलियां चलवाना तो रोक सकती है, लेकिन लाठी चलवाना नहीं छोड़ सकती। इस निरंकुश सरकार ने छात्र आंदोलन में फिर एक बार लाठीचार्ज करवाया। क्या सरकार शांति से बातचीत का रास्ता नहीं निकाल सकती? तेजस्वी यादव ने सम्राट चौधरी को पत्र लिखकर छात्रों की मांगों को रखा और उनके समाधान की मांग की थी। वहीं सरकार का कहना है कि छात्रों की मांगों को लेकर हम स्थिति स्पष्ट कर चुके हैं और उनके लिए बातचीत के रास्ते हमेशा खुले हैं।  

क्या हैं छात्रों की प्रमुख मांगें?

  • TRE-4 परीक्षा को सिंगल-स्टेज कराया जाए 
  • नेगेटिव मार्किंग खत्म की जाए  
  • लागू हो 100% डोमिसाइल 
  • 70वीं BPSC परीक्षा कैंसिल हो और भर्ती प्रक्रिया में स्पष्टता और निष्पक्षता हो  

अब छात्रों का कहना है कि उनकी मांगों को सुना जाए और अगर ऐसा नहीं होता है, तो उनका ये आंदोलन किसी ठोस निर्णय न आने तक जारी रहेगा।