मशहूर लेखिका, समाजसेवी और राज्यसभा सांसद सुधा मूर्ति ने 23 अगस्त 2026 को बिहार के जहानाबाद जिले में स्थित ऐतिहासिक बराबर गुफाओं का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने गुफाओं की प्राचीन स्थापत्य कला, निर्माण तकनीक और ऐतिहासिक महत्व को करीब से जाना। सुधा मूर्ति के आगमन पर अपर समाहर्ता, विभागीय जांच विनय कुमार सिंह ने पुष्प गुच्छक देकर उनका स्वागत किया।
प्राचीन भारत की वैज्ञानिक सोच को दर्शाती है निर्माण तकनीक
भ्रमण के दौरान सुधा मूर्ति ने विशाल चट्टानों को काटकर बनाई गई गुफाओं की Rock-cut आर्किटेक्चर कला की तारीफ की। उन्होंने गुफाओं की दीवारों पर मौजूद शीशे जैसी चमकदार पॉलिश और अंदर बनने वाली विशेष ध्वनि व गूंज को भी देखा। उन्होंने कहा कि हजारों साल पहले बनाई गई इन गुफाओं में दिखाई देने वाली बारीक कारीगरी और निर्माण तकनीक प्राचीन भारत की वैज्ञानिक सोच को दर्शाती है। बराबर गुफाओं के ऐतिहासिक और प्राचीन काल की वस्तुओं के महत्व से प्रभावित होकर सुधा मूर्ति ने इन्हें UNESCO (यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल) में शामिल करने की अपील की। उनका कहना था कि ऐसा होने से भारत की विरासत को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिल सकती है।
बेहद खास है ये जगह
बराबर गुफाएं भारत के सबसे प्राचीन पत्थर काटकर बनाई गुफाओं में शामिल हैं और अपनी अनोखी आर्किटेक्चर के लिए जानी जाती हैं। इन गुफाओं की चिकनी पॉलिश, पत्थरों को काटने का तरीका और ध्वनि की विशेषता इन्हें बेहद खास बनाती है। यही वजह है कि इतिहास और अर्कॉलॉजी में इंटरेस्ट रखने वाले लोगों के लिए यह स्थल बेहद खास है।
जिला प्रशासन की विरासत प्रेमियों से अपील!
जिला प्रशासन ने भी देश-विदेश, इतिहासकारों, शोधकर्ताओं, विद्यार्थियों और विरासत प्रेमियों से अपील की है और बराबर गुफाओं का दौरा करने को कहा है। इस ऐतिहासिक स्थल की जानकारी लोगों तक पहुचनी जरूरी है। इस अवसर पर अनुमंडल लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी, जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी एवं अन्य उपस्थित थे।