अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ रहा है और यही तेल के दाम बढ़ने की बड़ी वजह है। ईरान के पास वाले इलाकों में अमेरिका ने हमले किए हैं और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर खतरा बढ़ गया है। यह वही रास्ता है जहां से दुनिया का सारा तेल आता है। जब इस रास्ते पर खतरा होता है, तो बाजार को डर लगता है कि तेल की सप्लाई रुक सकती है। इसी डर को देखते हुए तेल महंगा हो रहा है।
तेल के दाम अचानक क्यों चढ़ गए?
मंगलवार को कच्चे तेल के दाम बहुत तेजी से बढ़े हैं। ब्रेंट तेल 4.5% बढ़कर 94.52 डॉलर पर पहुंच गया और WTI तेल 5% बढ़कर 90.03 डॉलर पर पहुंच गया। यह तेजी इस वजह से आई क्योंकि अमेरिका ने ईरान में IRGC के ठिकानों पर हमला किया। अमेरिका ने कहा कि IRGC समंदर में जा रहे जहाजों और अमेरिकी सैनिकों पर हमला करने की कोशिश कर रहा था, इसलिए यह कार्रवाई करनी पड़ी।
इतना अहम क्यों है स्ट्रेट ऑफ होर्मुज?
तेल के बाजार को सबसे ज्यादा डर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर हो रहा है। यह समंदर का एक छोटा रास्ता है, लेकिन यहां से ही दुनिया का बहुत सारा तेल जाता है। अगर यह रास्ता बंद होता है या यहां खतरा रहता है, तो पूरी दुनिया में ही तेल की कमी हो सकती है। सोमवार को इसी रास्ते से जा रहे एक तेल के टैंकर पर 3 हमले हुए। UK की एजेंसी ने बताया कि इसमें किसी की मौत नहीं हुई। इसीलिए सबकी नजर अब इसी रास्ते पर है और अगर जहाजों पर हमले होते रहे, तो तेल और महंगा हो सकता है।
अमेरिका और ईरान के बीच अभी क्या चल रहा है?
पहले अमेरिका ने ईरान के लारक आइलैंड पर हमला किया था। उसके जवाब में ईरान ने जॉर्डन में मौजूद 2 अमेरिकी सैन्य अड्डों पर हमला कर दिया। इसके बाद अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि वह ईरान के हमले का जवाब भी देंगे। फिर भी, अभी दोनों देश बड़ी जंग नहीं चाहते हैं। एक्सपर्ट्स का कहना है कि अमेरिका ने लारक आइलैंड पर हमला इसलिए किया जिससे यह तनाव खत्म हो सके।
भारत के लिए महंगा तेल क्यों है चिंता की बात?
ब्रेंट तेल 100 डॉलर के पास पहुंच गया है, इसलिए भारत में तेल और गैस कंपनियों के शेयरों पर असर पड़ेगा। आम लोगों के लिए भी यह चिंता की बात है। अगर बाहर ही तेल महंगा रहेगा, तो भारत में भी पेट्रोल-डीजल महंगा हो सकता है।