केंद्रीय कैबिनेट में फेरबदल और मंत्रियों के विभागों में बदलाव की अटकलें तेज हो रही हैं। इसी दौरान केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी अपने एक बयान की वजह से सुर्खियों में नजर आ रहे हैं। नागपुर के काटोल में एक इवेंट ‘एकलव्य एकल विद्यालय शिक्षक-पर्यवेक्षक प्रशिक्षण वर्ग' के दौरान उन्होंने अपने सियासी रिटायरमेंट से जुड़ी एक बात कही कि अब वह पहले जितना काम नहीं कर पाते और नई पीढ़ी को आगे आने का मौका मिलना चाहिए।
इथेनॉल और E20 को लेकर भी घिरे थे गडकरी
एक खास बात ये भी है कि हाल में ही नितिन गडकरी इथेनॉल कांड को लेकर भी चर्चा में थे। इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल के चलते उन्हें कड़े सवालों का सामना करना पड़ रहा था। गडकरी के E20 बयान और सरकार की इससे जुड़ी नीति के तहत बहस छिड़ गई थी। लोगों का कहना था कि इससे गाड़ियों की माइलेज और खरीदारों पर बुरा असर पड़ रहा है। जबकि गडकरी इसे लगातार किसानों की इनकम में बढ़त, पेट्रोलियम इम्पोर्ट पर निर्भरता कम करने और इसके विकल्पों को बढ़ावा देने से जोड़ते रहे।
क्या ये था रिटायरमेंट का जिक्र?
अभी तक इस चीज की आधिकारिक तौर से पुष्टि नहीं की गई है क्योंकि उन्होंने न ही मंत्री पद छोड़ने की बात की और न ही राजनीति से बहार होने का जिक्र किया। न ही गडकरी और ना ही BJP की तरफ से इस मामले पर कोई निश्चित बयान सामने आया है। इसलिए इस बयान को घोषणा के रूप में लेना सही नहीं है।
निजी जीवन और सेहत को लेकर छेड़ी बात
अपने भाषण में गडकरी ने अपनी ढलती सेहत और दिनचर्या में बदलावों का भी जिक्र किया। वो बोले कि कोरोना काल से पहले काम में इतना व्यस्त रहते थे कि वो अपनी सेहत और खान-पान में लापरवाही की वजह से अब पहले जैसे चुस्त नहीं रहे।हालांकि अब उन्होंने अपने रूटीन में बदलाव की शुरुआत करते हुए रोज सुबह योग करना शुरू कर दिया है।
उठाया किसानों की परेशानियों का मुद्दा
गडकरी ने अपने भाषण में किसानों की मुश्किलों और आत्महत्या जैसे अहम मुद्दे पर भी चिंता जताई। वे बोले कि किसानों के हित में और खेती से जुड़ी मुश्किलों पर आगे भी काम करने की जरूरत है। ये बयान एक इशारा माना जा रहा है कि वह पूरी तरह राजनीतिक जीवन छोड़ने का जिक्र नहीं कर रहे थे, बल्कि राजनीती में अपना जिम्मा सीमित कर रहे थे।
2023 में भी उठी थी ऐसी आशंकाएं
यह पहली बार नहीं हो रहा है जब गडकरी के ऐसे बयानों से उनके राजनीतिक भविष्य को लेकर सवाल खड़े हुए हैं। मार्च 2023 में भी वह ऐसे ही कुछ बयान के कारण राजनीतिक चर्चा का विषय थे। तब भी उनके करीबी लोगों ने इस बात पर ज्यादा जोर देने से इंकार किया था।